प्रतिभास्थली में गुरूवाणी

संस्कृत संवाद

प्रतिभास्थली की छात्राओं के द्वारा प्रतिभास्थली स्कूल के बारे में संपूर्ण जानकारी बड़े ही मनमोहक तरीके से संस्कृत भाषा में प्रस्तुत की गयी।

आचार्यश्री जी के मंच से नाट्य प्रस्तुति

मातृभाषा में शिक्षा हो इस संदेश को लेकर छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि संवेदनशील होने वाला मनुष्य अपनी मातृभाषा का ही प्रयोग करता है। मातृभाषा में भावाभिव्यक्ति की भाषा को समझना और आसान होता है। अतः शिक्षा का माध्यम मातृभाषा ही होना चाहिए।

गाय की अंर्तपीड़ा... भावाभिव्यक्ति

प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ इंदौर, की छात्राओं द्वारा गाय की अंर्तपीड़ा को प्रस्तुत करते हुए मनुष्य द्वारा दी जाने वाली यातनाओं का दृश्य प्रस्तुत किया गया एवं फास्ट फूड, नेल पालिश, लिपिस्टिक आदि के प्रयोग के लिए की जाने वाली गायों की हत्या के बारे में बताया।

गुरूवाणी