समाचार और घटनाक्रम

पर्युषण पर्व 2019
पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर प्रतिदिन दस धर्मों का पवित्र उद्देश्य तथा उनकी सारगर्भिता के विषय पर उद्बोधन के साथ–साथ उनको ग्रहण के उद्देश्य को पूर्ण करते हुए प्रत्येक दिन आकर्षक कार्यक्रमों जैसे भजन व आरती प्रतियोगिता, कौन बनेगा धर्म शिरोमणि, बारह भावनाओं की अभिव्यक्ति, मूक अभिनय, कवि सम्मेलन और हाइकू ड्रामा का प्रस्तुतीकरण छात्राओं के द्वारा किया गया। इसी के साथ प्रतिदिन तत्वार्थ सूत्र जी का वाचन छात्राओं द्वारा किया गया।
5 अगस्त 2019
आगामी रक्षा बंधन के हर्ष में छात्राएँ स्वयं राखी बनाकर प्रोत्साहित हुईं।
3 अगस्त 2019
संस्कारों की पाठशाला के तहत छात्राओं के उत्साह वर्धन हेतु कक्षा 6वीं द्वारा आयोजित भजनमयी अंताक्षरी प्रतियोगिता में सभी छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
19 जुलाई 2019
शाला की समस्त छात्राओं द्वारा ग्रीष्म कालीन परियोजना कार्य को कक्षा 7वीं की छात्राओं द्वारा आयोजित शैक्षणिक प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया।
गुरु पूर्णिमा पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुति
16 जुलाई 2019, गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गुरु-शिष्य संबंधों का सुंदर दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हुए छात्राओं द्वारा आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य एवं समस्त प्रतिभास्थाली परिवार की उपस्तिथि में बिम्ब-प्रतिबिम्ब नाटिका प्रस्तुत की गई। जिसमें आचार्य भगवन को गुरु महाराज आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के प्रतिबिम्ब के रूप में बताया गया।
26 जनवरी 2019
देश भक्ति से संपूरित, उत्साह एवं आनंदोल्लास के साथ 26 जनवरी को 72 वां गणतन्त्र दिवस छात्राओं ने आर्यिका माँ आदर्शमती माताजी के पावन चरणों में मनाया। छात्राओं द्वारा सैनिक के समर्पण की एक अद्भत भावभीनी नाटिका प्रस्तुत की गयी। तदुपरांत भाषण एवं गायन के द्वारा सम्पूर्ण वातावरण को तिरंगे के रंग में भिगो दिया गया, साथ ही नृत्य एवं पी.टी के अनुशासन ने भारत के अनुशासित संविधान की स्मृति दिलाई।
23 दिसंबर 2018
23 दिसंबर को संस्कारों का शंखनाद करती हुई प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ , इंदौर के वार्षिक उत्सव “महोत्सव” में अनुपम प्रस्तुतियों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। छात्राओं के उत्साह एवं उल्लास ने उत्सव को महोत्सव का रूप दिया।
पिच्छी परिवर्तन समारोह
माँ उपमातीत होती हैं , हर कल्पना से परे, हर बंधन से ऊपर, माँ एक ऐसा शब्द हैं जिसे कोई भी चित्रकार चित्र में उतार नहीं पाया , कोई भी कलाकार अपनी कलम में ढाल नहीं पाया, नृत्यांगना भावभंगिमाओं में प्रकट नहीं कर पायी। माँ अद्वितीय हैं , हर कल्पना से परे हैं , ऐसी उपमातीत परम वंदिनीय आर्यिका माँ आदर्शमती माताजी के सान्निध्य में प्रतिभास्थली की छात्राओं ने पिच्छी परिवर्तन समारोह के दौरान नृत्य प्रस्तुति एवं लघु नाटिका के माध्यम से माताजी की असीम अनुकंपा के लिए शुक्राना किया।