परिचय

विद्यालय एक ऐसा परिसर हैं जहां विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के साथ उसका सामाजिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विकास होता है। ऐसे ही अनेक शिक्षण संस्थान जो गुरुकुल पद्धति पर आधारित भारतीय शिक्षा की रीढ़ थे। ऐसे ही एक गुरु-शिष्य परम्पराओं की परछाई है–

“प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ”

प्रतिभास्थली प्रणेता 108 आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के असीम आशीर्वाद से पल्लवित-पुष्पित, फलित-फूलित, सुसंस्कारित व सुरक्षा से युक्त भारत का अद्वितीय आवासीय शिक्षण संस्थान है जो कन्याओं के उज्ज्वल भविष्य की भावनाओं को साकार कर पुनः गुरुकुल प्रणाली को जीवंत कर रहा है।